गणेश जी अनादि है वे सदियों से विश्व में हर जगह पूजे जा रहे है विश्व आदि देव है गणेश जी, वे हर सदी में पूजे गए है और इसके सबुत भी मिले है समय के साथ
1. ईरान के लोरिस्तान में 3000 साल पुरानी मेटल प्लेट पर गणेश प्रतिमा मिली है
2. अफगानिस्तान के उतरी काबुल में गणेश जी की प्रतिमा मिली है जो की चौथी सदी की है
3. चीन के मोगाओ गुफा में गणेश जी की छठी शताब्दी की पेंटिंग मिली है
दोस्तों गणेश जी अलग-अलग रूपों में विभिन्न संस्कृतियों में है उन्हें हर संस्कृतियों में अलग अलग नामो से पुकारा जाता है
जापान में उन्हें कांगितेन कह जाता है तमिल में उन्हें पिल्लै भी कहा जाता है तेलुगु में उनका नाम विनायाकुडू है और बर्मा में उन्हें पाली महा विनायक, थाईलैंड में फरा फिकानेत कहा जाट है
क्या आप जानते है
गणेश जी की पूजा बौद्ध धर्म में भी की जाती है, गणेश जी का रंग हरा और लाल है शिव पुराण के अनुसार, गणेश पुराण के अनुसार उनके आठ अवतार है जो की आठ कमियों पर विजय पाने की प्रेणा देते है गणेश जी की पसंदीदा मिठाई मोदक है गणेश जी के तीन वाहन है मूषक, उड़ने वाला मयूर, तैरने वाला शेषनाग वाहन, गणेश जी को शुभ अवसर पर सबसे पहले पूजे जाते है
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